ज्योतिष सम्मेलन मेँ गोलमाल !: संतोष शर्मा
ज्योतिष यानी इंसान की जिँदगी मेँ जन्म से लेकरमृत्यु के बीच हर पल क्या क्या घटित होगा,उसका गणना व बताने वाला एक पाखंडी। इंसानके भूत-वर्तमान-भविष्य वताने वाले इन पाखंडीज्योतषियोँ का आज से करीब 11 साल पहलेकोलकाता के एमजी रोड स्थित महाजाति सदनज्योतिष सम्मेलन का आयोजन किया गया था।
मेँ भी सम्मेलन मेँ पहुँचा। देखा मंच पर टीवी, पत्र-पत्रिकाओँ मेँ आएदिन दिखने-छपने वाले कईज्योतषी विराजमान थे। एक सज्जन ने माइक परस्वागत भाषण जैसे ही शुरू की कि युक्तिवादीप्रवीर घोष मंच की ओर कदम बढ़ाया और उससज्जन के हाथोँ एक कागज दे आए।
सज्जन ने उस कागज पर लिखा को पढना आरंभ किया।
मंच पर आसिन ज्योतषिओँ ने एक साथ बोला, यह कागज पढ़ना बंद करोँ, इसने यह दिया?
प्रवीर घोष ने अपना एक हाथ उपर को ओर उठाते हुए कहा, मैँने आप सब ज्योतषिओँ के नाम यह कागज दियाहूं।
क्या आप मेरी चुनौती लेने के लिए तैयार हैँ?
मेँ भी सम्मेलन मेँ पहुँचा। देखा मंच पर टीवी, पत्र-पत्रिकाओँ मेँ आएदिन दिखने-छपने वाले कईज्योतषी विराजमान थे। एक सज्जन ने माइक परस्वागत भाषण जैसे ही शुरू की कि युक्तिवादीप्रवीर घोष मंच की ओर कदम बढ़ाया और उससज्जन के हाथोँ एक कागज दे आए।
सज्जन ने उस कागज पर लिखा को पढना आरंभ किया।
मंच पर आसिन ज्योतषिओँ ने एक साथ बोला, यह कागज पढ़ना बंद करोँ, इसने यह दिया?
प्रवीर घोष ने अपना एक हाथ उपर को ओर उठाते हुए कहा, मैँने आप सब ज्योतषिओँ के नाम यह कागज दियाहूं।
क्या आप मेरी चुनौती लेने के लिए तैयार हैँ?
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