' ईश्वर को अंधविश्वास ' लिखने पर दी फेसबुक अकाउंट हैक करवाने की धमकी !

 ' ईश्वर को अंधविश्वास '  लिखने पर दी
 फेसबुक अकाउंट हैक करवाने की धमकी !
संतोष शर्मा 
शुक्रवार ७ फरवरी २०१४ 

     मै संतोष शर्मा एक युक्तिवादी और पत्रकार हूं। आज मेरा जीवन युक्तिवादी आंदोलन में समर्पित है। युक्तिवादी हूं। इस लिए लाखों-करोड़ों लोगों द्वारा विश्वास किये हुए विषयों पर आंखें बंद कर विश्वास नहीं करता हूं। विश्वास या अविश्वास करने से पहले मै अपनी ज्ञान द्वारा उसे परखता हूँ। बचपन में ही मेरे माता-पिता और अन्य लोगों द्वारा ईश्वर जैसा अन्धविश्वास का 'विश्वास' के रूप में मेरे मन में भर दिया गया था। किन्तु जैसे-जैसे पढ़-लिख कर बड़ा होता गया मरे मन में ईश्वर का बसा ' विश्वास' अंधविश्वास में बदल क़र रह गया। परन्तु आज भी अनगिनत लोग इश्वास का अंधविश्वास में डूबे हुए है। सिर्फ डूबे ही नहीं है , बल्कि दुसरो को भी इसी अंधविश्वास में डूबोना चाहते हैं। ऐसे में यदि किसी ने इश्वास को काल्पनिक बता कर नास्तिक बन जाता है तो अंधविश्वास में डूबे हुए लोग नास्तिकों का मजाक उड़ने का प्रयास किया करते हैं। किन्तु मुझ जैसे नास्तिकों को इस मजाक से कोई फर्क नहीं पड़ता हैं। 

    मै पत्रकार हूं। एक दैनिक अख़बार में काम करता हूं। पत्रकारिता के माध्यम से युक्तिवादी आंदोलन को रफ़्तार देने की कोशिश भी करता हूं। जब भी मौका मिलता है मै युक्तिवादी संबंधी विषयों को अख़बार के जरिये प्रचार-प्रसार किया करता हूं। किन्तु इस के लिए मुझे कठिन रास्तों से गुजरना पड़ता है।कुछ पत्रकार मित्र तो सरेआम मुझे यह धमकी दे डालते है कि ईश्वर जैसे धार्मिक विश्वासों को लेकर लिखना बंद करो। बरना खामियाजा भुगतने पढ़ सकते है। 

     आज विज्ञान, तकनीकी , कंप्यूटर, इंटरनेट का युग है। अपने  विचार, तक , रचना आदि को फेसबुक जैसे सोशल नेटवर्किंग साइटों के माध्यम से प्रकट किया जा रहा है। फेसबुक पर मारा भी एक अकाउंट बना हुआ है। समय-समय पर उस पर युक्तिवाद संबंधी लेख अपलोड किया करता हूं। ईश्वर , भूत-प्रेत, डायन, ज्योतिष जैसे अंधविश्वासों पर कई लेख फेसबुक पर अपलोड कर चुका हूं। आगे और करूंगा। किन्तु मै देख रहा हूं इस फेसबुक पर भी कुछ अंधविश्वासियों द्वारा युक्तिवादीओं और नास्तिकों का मजाक उड़ने की कोशिश की जा रही है। 

        मैन फेसबुक पर ईश्वर और अंधविश्वास से संबंधी कुछ लेख पोस्ट किये थे। कुछ फेसबुक के फैन्ड्स ने उस पर कमेंट्स भी की। लेकिन मुझे उस समय सबसे ज्यादा आश्चर्य हुआ जब मेरे कुछ फेसबुक के फ्रेंड्स जो पत्रकार भी है , मुझे यह धमकी दी कि फेसबुक एक सोशल नेटवर्किंग साईट है। इस पर इश्वास सीजे धार्मिक भावनाओं को लेकर लिखना बंद करो। यदि मेरी बात नहीं मानी तो तुम्हारा फेसबुक अकाउंट हैक करवा दूंगा। इतना ही नहीं , मुझे यहा भी कहा कि ' ईश्वर को अंधविश्वास' बताने लिए तुम्हारे खिलाफ धार्मिक संगठनों द्वारा अदालत में मामला भी करवा दूंगा। 

     मै युक्तिवादी आंदोलनकारी हूं। आम जनता को ईश्वर जैसे अंधविश्वास से मुक्त करवाना मेरा कर्तव्य है। मुझे पता है कि जनता को अंधविश्वास से मुक्त करवाना कोई जुर्म नहीं है। देश का संविधान ने युक्तिवादी को यह अधिकार दिया है।

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